“साहब! कार्रवाई नहीं कर सकते तो दे दीजिए इच्छा मृत्यु…
दहेज की आग में झुलसी विवाहिता की SP दफ्तर में गुहार, पति दूसरी युवती संग फरार
कटनी। जिले में दहेज प्रताड़ना का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। शादी के महज एक साल बाद ही एक नवविवाहिता न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। हालात इतने बदतर हो गए कि पीड़िता को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर यह कहना पड़ा— “साहब, अगर कार्रवाई नहीं कर सकते तो मुझे इच्छा मृत्यु की अनुमति दे दीजिए।”
स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बंधी धुरी निवासी संध्या चौधरी ने SP कार्यालय में दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उसका विवाह 19 अप्रैल 2024 को समीर चौधरी के साथ हुआ था। शादी के कुछ ही समय बाद पति और ससुराल पक्ष ने दहेज को लेकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। कम दहेज लाने के ताने, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न उसका रोज का दर्द बन गया।
पीड़िता का कहना है कि वह समाज और परिवार की इज्जत बचाने के लिए सब कुछ सहती रही, लेकिन उसके सब्र का बांध तब टूट गया जब पति समीर चौधरी उसे बेसहारा छोड़ गांव की ही एक अन्य युवती को लेकर फरार हो गया।
पति फरार, पत्नी बेबस… आखिर कहां जाए पीड़िता?
संध्या का आरोप है कि पति ने न केवल उसके साथ क्रूर व्यवहार किया बल्कि अब उसे जीवन के सबसे कठिन मोड़ पर अकेला छोड़ दिया है। न घर का सहारा बचा, न पति का साथ और न ही न्याय की कोई उम्मीद दिखाई दे रही है। इसी पीड़ा और हताशा में उसने प्रशासन से इच्छा मृत्यु की मांग कर दी।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि एक महिला को न्याय पाने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जाकर इच्छा मृत्यु की गुहार लगानी पड़ रही है, तो आखिर व्यवस्था किसके लिए काम कर रही है?
अब जागा प्रशासन, जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए SP कार्यालय के अधिकारियों ने महिला को आश्वासन देते हुए स्लीमनाबाद थाना पुलिस को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सवाल बरकरार…
- क्या दहेज प्रताड़ना की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई होती तो पीड़िता को यह दिन देखना पड़ता?
- क्या पति के फरार होने से पहले कोई कानूनी कदम नहीं उठाया जा सकता था?
- और सबसे बड़ा सवाल, आखिर एक बेटी को न्याय मांगने के बजाय इच्छा मृत्यु मांगने की नौबत क्यों आई?
फिलहाल पूरा मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं।










