आप जिलाध्यक्ष के पत्र पर विभाग मौन, जनता पूछ रही — आखिर क्यों बचा रहे हैं जिम्मेदार अधिकारी?
कटनी :- जिले की पुलिस व्यवस्था इस बार फिर सवालों के घेरे में है। चार महीने पहले आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष कटनी द्वारा स्लिमानाबाद SDOP के खिलाफ गृह विभाग, पुलिस मुख्यालय और जिले के वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई गंभीर शिकायत आज तक कार्रवाई के इंतजार में फाइलों में दबी पड़ी है।
शिकायत में SDOP की प्रशासनिक कार्यप्रणाली, पुलिस भर्ती के दौरान कथित रूप से निर्धारित “हाइट मापदंड” को लेकर उठे सवाल, क्षेत्र में बढ़ती अवैध गतिविधियां, शराब तस्करी, बाकल थाना मामले में कथित लापरवाही और उमरिया पान क्षेत्र में अवैध उत्खनन जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए थे।
AAP जिलाध्यक्ष द्वारा भेजे गए पत्र में निष्पक्ष जांच और SDOP के तत्काल स्थानांतरण की मांग भी की गई थी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि चार महीने बीत जाने के बाद भी न तो कोई जांच रिपोर्ट सार्वजनिक हुई और न ही किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि सामने आई।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतनी गंभीर शिकायत पर विभागीय चुप्पी क्यों है? क्या जांच सिर्फ कागजों में चल रही है या फिर मामला जानबूझकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है?
जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। जनचर्चाओं में यह तक कहा जा रहा है कि कहीं “मेडम की पहुंच” का असर तो जिम्मेदार अधिकारियों पर नहीं है, जिसके चलते कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही।
लोगों का कहना है कि यदि शिकायत गलत थी तो विभाग को खुलकर सामने आकर SDOP को क्लीन चिट देनी चाहिए थी, लेकिन लगातार चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। वहीं यदि शिकायत में तथ्य थे, तो कार्रवाई में इतनी देरी आखिर क्यों?
कटनी में पहले भी पुलिस कार्यप्रणाली और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में चार महीने तक शिकायत पर कोई स्पष्ट निष्कर्ष सामने न आना पुलिस विभाग की पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा रहा है।
अब जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस मुख्यालय सहित जिले जिम्मेदार कप्तान इस मामले में कोई ठोस कदम उठाएंगे या फिर यह शिकायत भी सरकारी फाइलों में दबकर रह जाएगी।










