Breaking News

कटनी में बेलगाम हुए बदमाश, खाकी के इकबाल पर लगातार उठ रहे गंभीर सवाल!

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

कहीं हाईवे पर सवा लाख की लूट तो कहीं दिनदहाड़े महिला की चेन झपटी; कटघरे में पुलिस की गश्त व्यवस्था

कटनी (विशेष प्रतिनिधि)। संस्कारधानी के पड़ोस में बसे कटनी जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। चोरी, झपटमारी, चाकूबाजी और हाईवे पर लूट जैसी संगीन वारदातें अब ‘रोजमर्रा की बात’ बनती जा रही हैं। जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्हें न तो कानून का डर है और न ही खाकी का खौफ। शहर के रिहायशी इलाकों से लेकर नेशनल हाईवे तक, हर जगह बदमाश बेखौफ होकर घूम रहे हैं और पुलिस के अपराध नियंत्रण के खोखले दावों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
बीते कुछ दिनों में घटित दो बड़ी वारदातों ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है (या यूं कहें कि जनता को डरा दिया है)। एनकेजे और रंगनाथ नगर थाना क्षेत्रों में हुई इन घटनाओं ने साबित कर दिया है कि कटनी में आम नागरिक अब सुरक्षित नहीं है।

वारदात-1: नर्मदा वेयरहाउस के पास सरेराह युवक को पीटा, गाड़ी और मोबाइल लूटा

एनकेजे थाना क्षेत्र से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां हाईवे भी अब सुरक्षित नहीं रहा। पुलिस के अनुसार, हीरापुर कोड़िया निवासी अभिषेक रजक (23) बीते 9 जून की शाम अपनी मोटरसाइकिल से गाताखेड़ा की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह नर्मदा वेयरहाउस के पास पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे तीन अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया।
आरोपियों ने युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर उसकी ₹90,000 की पैशन प्रो बाइक और ₹22,000 का वीवो मोबाइल छीन लिया। करीब सवा लाख का माल समेटकर आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर आसानी से फरार हो गए।

वारदात-2: डन कॉलोनी में दिनदहाड़े ऑटो से महिला के गले से खींची सोने की चेन

सुरक्षा के दावों को ठेंगा दिखाते हुए रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र की डन कॉलोनी में बुधवार दोपहर को बीच सड़क पर लूट की वारदात हुई। एक महिला ऑटो से सफर कर रही थी, तभी बाइक सवार दो शातिर बदमाशों ने ऑटो का पीछा किया। मौका मिलते ही चलते ऑटो में बैठे-बैठे महिला के गले से सोने की चेन झपट ली और रफूचक्कर हो गए। हालांकि, यह पूरी सनसनीखेज वारदात इलाके में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई है, लेकिन वारदात के कई घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।

> BNS की नई धाराओं में केस दर्ज, पर नतीजा सिफर
एनकेजे पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 307/26 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला कायम किया है। रंगनाथ नगर पुलिस भी सीसीटीवी फुटेज खंगालने का पारंपरिक दावा कर रही है। लेकिन जनता पूछ रही है कि ऐसी धाराओं और कागजी कार्रवाई का क्या फायदा, जब अपराधी खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं?

आखिर क्यों खत्म हुआ ‘खाकी’ का खौफ?

नाममात्र की नाइट पेट्रोलिंग: हाईवे और सुनसान इलाकों में पुलिस गश्त सिर्फ कागजों पर सिमट कर रह गई है। नर्मदा वेयरहाउस जैसी जगह पर बदमाशों का घात लगाकर बैठना पुलिस की नाकामी को दर्शाता है।

सीसीटीवी के भरोसे सुरक्षा: शहर में अपराध होने के बाद पुलिस सिर्फ सीसीटीवी फुटेज खंगालने तक सीमित रह जाती है। अपराध को रोकने के लिए ‘प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ (Proactive Policing) का नामोनिशान नहीं दिख रहा।

अपराधियों के बढ़ते हौसले: समय पर कड़ी कार्रवाई न होने और पुराने अपराधियों पर जिला बदर या रासुका जैसी सख्त कार्रवाई ढीली होने के कारण नए लड़कों के गिरोह सक्रिय हो रहे हैं।

सवाल… जिनका जवाब जनता चाहती है:

1. क्या कटनी पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है, जिसे हाईवे पर होने वाली वारदातों की भनक तक नहीं लगती?

2. दिनदहाड़े महिलाओं के साथ हो रही चेन स्नेचिंग के बाद क्या शहर की माताएं-बहनें घर से बाहर निकलने में डरें?

3. हर वारदात के बाद ‘जल्द गिरफ्तारी’ का रटा-रटाया बयान देने वाले आला अफसर अपनी कार्यप्रणाली कब बदलेंगे?

4. क्या कटनी में अपराधियों का नेटवर्क खाकी से ज्यादा मजबूत और तेज हो चुका है?

और पढ़ें