कटनी में ‘खाकी’ बेअसर, ‘अपराधी’ बेखौफ: स्लीमनाबाद में जुआ फड़ के वायरल वीडियो ने खोली पुलिस कप्तान की रणनीतियों की पोल
कटनी/स्लीमनाबाद। मध्य प्रदेश का कटनी जिला इन दिनों अपराधियों, जुआरियों और माफियाओं के लिए सूबे का सबसे सुरक्षित ‘कम्फर्ट जोन’ बनता जा रहा है। जिले में कानून-व्यवस्था दम तोड़ चुकी है और आम शहरी खौफ के साए में जीने को मजबूर है। रोजाना हो रहीआपराधिक गतिविधियों में चोरी, डकैती, सरेराह लूट, हत्या और जानलेवा हमलों की फेहरिस्त इस बात का पुख्ता सबूत है कि कटनी में पुलिस का इकबाल और खौफ पूरी तरह रसातल में जा चुका है। अपराध नियंत्रण के नाम पर जिले के कप्तान (SP) द्वारा बनाई जाने वाली भारी-भरकम रणनीति
यां धरातल पर ‘कागजी शेर’ साबित हो रही हैं।
इसी प्रशासनिक सुस्ती के बीच, स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र से सामने आए एक सनसनीखेज वायरल वीडियो ने पुलिस और अपराधियों के बीच के कथित नेक्सस (गठजोड़) को चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है।
तेवरी क्षेत्र में सज रही लाखों की महफिल, ‘मौन’ बैठी पुलिस
सूत्रों के मुताबिक, स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के तेवरी और आसपास के इलाकों में पिछले करीब दो महीनों से पत्तों पर लाखों के दांव लगाए जा रहे हैं। एक स्थानीय जागरूक नागरिक ने अपनी जान को खतरा बताते हुए, नाम गोपनीय रखने की शर्त पर इस जुआ फड़ का एक वीडियो और इसमें शामिल कुछ सफेदपोश रसूखदारों के नाम **NPS News Today** को सौंपे हैं।
यद्यपि हमारा न्यूज पोर्टल इस वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिख रहे चेहरों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है, लेकिन इस वीडियो ने खाकी की मुस्तैदी और गश्त दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं।
जब पिछले दो महीने से बेखौफ जुआरी फड़ सजाकर लाखों का वारा-न्यारा कर रहे थे, तो पुलिस का खुफिया तंत्र (Intelligence) क्या खर्राटे ले रहा था? या फिर इस पूरे खेल को ‘ऊपर’ तक पहुंचने वाली ‘मोटी मलाई’ का मौन संरक्षण प्राप्त था?
भ्रष्टाचार और विवादों का ‘एपिसेंटर’ बना स्लीमनाबाद थाना
स्लीमनाबाद पुलिस की कार्यप्रणाली अब जनता के सब्र का बांध तोड़ रही है। यह थाना पिछले कुछ समय से लगातार अपनी कारगुजारियों के लिए दागदार हो रहा है:
रिश्वतखोरी का खुला खेल: पावती देने जैसी बुनियादी कागजी कार्रवाई के बदले फरियादी से सरेआम हजारों रुपये की रिश्वत मांगी गई।
दबंगों को शह, पीड़ित को दुत्कार: शराब ठेकेदार की गुंडागर्दी की शिकायत लेकर पहुंचे एक बेबस फरियादी को न्याय देने के बजाय थाने से दुत्कार कर भगा दिया गया।
और अब यह जुआ फड़:इस वायरल वीडियो ने यह साफ कर दिया है कि स्लीमनाबाद थाने के नाक के नीचे कानून की गरिमा को किस तरह तार-तार किया जा रहा है।
लकीर पीटती पुलिस और बेलगाम होते अपराधी: कब जागेगा प्रशासन?
जिले की कमान संभालते वक्त कप्तान साहब ने ‘अपराध मुक्त कटनी’ का जो रोडमैप पेश किया था, वह अब पूरी तरह जमींदोज हो चुका है। स्थिति यह है कि लोग रात तो दूर, दिन में भी अपने घरों को सूना छोड़ने से डरते हैं। व्यापारी वर्ग रंगदारी और लूट के डर से सहमा हुआ है। जब कानून के रखवाले ही आकंठ विवादों में डूबे हों, तो अपराधियों के हौसले बुलंद होना लाजिमी है। कटनी पुलिस अब केवल वारदात हो जाने के बाद ‘शव परीक्षा’ (पोस्टमार्टम) करने वाली एजेंसी बनकर रह गई है, अपराध को पहले रोक पाने की उसकी क्षमता **’बिग जीरो’** साबित हुई है।
अब देखना यह है कि… क्या कटनी पुलिस के आला अधिकारी इस वायरल वीडियो और स्लीमनाबाद थाने की लगातार धूमिल हो रही छवि को संज्ञान में लेकर कोई कड़ा चाबुक चलाएंगे, या फिर हमेशा की तरह इस मामले को भी जांच के ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? फिलहाल, इस पूरे महा-विवाद पर पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष आना बाकी है, जिसका जनता को बेसब्री से इंतजार है।
हालांकि हमने पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को पूरी जानकारी व्हाट्सप्प के जरिये दे दी है जिसमे वीडिओ कुछ व्यक्तिगत मोबाइल नंबर जो की हमें वहाँ के एक स्थानीय व्यक्ति ने दिए है जिसपर पुलिस अधीक्षक की किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई










