कटनी में पुलिस प्रशासन पर फूटा जनाक्रोश: SP हटाने की मांग लेकर मैदान में उतरी AAP, बोली — “कानून नहीं, मैनेजमेंट चल रहा है”
कटनी। जिले में लगातार सामने आ रहे विवादित मामलों ने अब पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात इतने गर्मा गए कि आम आदमी पार्टी खुलकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ मैदान में उतर आई। AAP के जिलाध्यक्ष अनिल सेंगर ने कटनी पुलिस अधीक्षक को हटाने की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए पुलिस विभाग पर “संरक्षण की राजनीति” करने का आरोप लगाया।
ज्ञापन में जिले के कई चर्चित मामलों का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया गया कि आखिर विवादों में घिरे पुलिस अधिकारियों पर अब तक कठोर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पार्टी नेताओं का आरोप है कि आम जनता पर त्वरित कार्रवाई करने वाला सिस्टम अपने ही अधिकारियों के मामलों में अचानक धीमा पड़ जाता है।
“विवादित अफसरों को बचाने में लगा सिस्टम?”
AAP ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि जिले में कई ऐसे मामले सामने आए, जहां FIR और विभागीय कार्रवाई होना चाहिए थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया गया। पार्टी ने साफ कहा कि इससे जनता का पुलिस व्यवस्था से भरोसा कमजोर हो रहा है।
ज्ञापन में कथित बिना अनुमति विदेश यात्रा, कुठला थाना क्षेत्र में दूल्हा-दुल्हन प्रकरण, रिश्वतखोरी से जुड़े आरोपों सहित कई मामलों का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर FIR दर्ज करने की मांग उठाई गई।
अनिल सेंगर का बड़ा हमला
AAP जिलाध्यक्ष अनिल सेंगर ने पुलिस प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा —
“कटनी में कानून नहीं, मैनेजमेंट चल रहा है। यदि आम आदमी गलती करे तो तत्काल कार्रवाई होती है, लेकिन जब सवाल वर्दी पर उठते हैं तो सिस्टम चुप हो जाता है।”
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वर्दी कानून से ऊपर नहीं हो सकती और यदि जनता का भरोसा टूटता है तो यह पूरे सिस्टम के लिए खतरे की घंटी है।
उठीं ये प्रमुख मांगें
- कटनी पुलिस अधीक्षक को तत्काल हटाया जाए
- सभी विवादित मामलों की उच्चस्तरीय जांच हो
- दोषी पुलिस अधिकारियों पर FIR दर्ज की जाए
- भ्रष्टाचार और शक्ति के दुरुपयोग के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई हो
कटनी में बढ़ते राजनीतिक और सामाजिक दबाव के बीच अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। जनता जवाब चाहती है कि आखिर कानून सबके लिए बराबर है या नहीं?










