थाने की चारदीवारी में क्या हुआ? युवती के सनसनीखेज आरोपों ने खड़े किए बड़े सवाल
“शादी का झांसा, 10 साल तक शोषण और फिर आरोपी ने थाने के अंदर भी बनाये संबंध” — पीड़िता के दावों से मचा हड़कंप
कटनी। जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र से सामने आए एक मामले ने पुलिस व्यवस्था और कानून के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 24 वर्षीय युवती ने जनसुनवाई में पहुंचकर आरोप लगाया है कि गणेशपुर निवासी एक युवक ने पिछले लगभग 10 वर्षों से शादी का झांसा देकर उसका दैहिक शोषण किया। इतना ही नहीं, युवती का दावा है कि गर्भवती होने पर उसे दवाइयां खिलाकर गर्भपात तक कराया गया।
मामला यहीं नहीं रुका। पीड़िता ने मीडिया के सामने जो आरोप लगाए, उन्होंने पूरे घटनाक्रम को और अधिक संवेदनशील तथा गंभीर बना दिया है।
थाने के अंदर शारीरिक संबंध का दावा, जांच की मांग
युवती का आरोप है कि 29 अप्रैल की रात उसे और आरोपी युवक को बड़वारा थाने लाया गया था। उसके अनुसार दोनों को रात में थाने में ही रखा गया। युवती का दावा है कि सुबह थाने में मौजूद कर्मचारी बाहर का दरवाजा बंद कर चाय पीने चला गया, इसी दौरान थाने परिसर के शौचालय में आरोपी युवक ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता का कहना है कि यदि उस दिन की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित है तो पूरा सच सामने आ सकता है। उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और फुटेज खंगालने की मांग की है।
बिना विवाह दहेज प्रताड़ना का मामला कैसे दर्ज हुआ?
इस पूरे प्रकरण में एक और बड़ा सवाल सामने आया है। मीडिया के पास महिला थाने में दर्ज एक एफआईआर भी सामने आई है, जिसमें इसी युवती के नाम पर युवक और उसके परिजनों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना तथा घरेलू हिंसा का मामला दर्ज बताया जा रहा है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब युवती स्वयं यह कह रही है कि उसकी शादी अभी तक न तो सामाजिक रूप से हुई और न ही कानूनी रूप से, तो फिर दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा जैसी धाराओं में मामला किस आधार पर दर्ज किया गया? क्या जांच के दौरान पर्याप्त तथ्यों का परीक्षण किया गया था या फिर जल्दबाजी में कार्रवाई हुई?
महिला को रात में थाने में रखने पर उठे सवाल
युवती के आरोपों के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। यदि वास्तव में किसी महिला को रात में थाने में रखा गया था, तो क्या इसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया? क्या महिला पुलिसकर्मी मौजूद थीं? क्या वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी थी?
इन सवालों के जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन आरोपों ने पुलिस महकमे में हलचल जरूर पैदा कर दी है।
सीसीटीवी फुटेज बन सकती है सबसे बड़ा सबूत
पूरा मामला अब कथित सीसीटीवी फुटेज पर आकर टिक गया है। यदि फुटेज उपलब्ध है और सुरक्षित है, तो वह यह स्पष्ट कर सकती है कि उस रात थाने में क्या हुआ था, कौन मौजूद था और युवती के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
पुलिस की चुप्पी से बढ़ रही चर्चाएं
मामले की गंभीरता के बावजूद खबर लिखे जाने तक पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में लोगों की निगाहें अब पुलिस जांच और वरिष्ठ अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।
यदि पीड़िता के आरोप सही साबित होते हैं तो यह केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था की जवाबदेही और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा बेहद गंभीर प्रकरण होगा। वहीं यदि आरोप असत्य पाए जाते हैं तो उसके पीछे की परिस्थितियों की भी निष्पक्ष जांच आवश्यक होगी।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है— आखिर उस रात बड़वारा थाने के अंदर क्या हुआ था?










